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कविता : एक नंबर बेकार....

Netra Prasad

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कविता : एक नंबर बेकार...
        
                                                    
                            
मस्त जवानी में तो
आग ही लगेगी
बगैर उपाय के वो
थोड़ी न बुझेगी ?

जो इस बात को समझ गए
वो बड़े होशियार हैं
जो इसे ना समझे वो तो
एक नंबर बेकार हैं
जो इसे ना समझे वो तो
एक नंबर बेकार हैं .......

 
4 घंटे पहले
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