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तिरंगे के यशगान की गाथा

Nema Ram

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तिरंगे के यशगान की गाथा
        
                                                    
                            

आओ मेरे देशवासियों तिरंगे के
यश
गान की आज मैं गाथा सुनाता।
तीन रंगों से जो, पहचान देता।
जय हिन्द जय हिन्द ये कहता।
देशप्रेम की हमको प्रेरणा देता।

खुले गगन में जो ये लहराता।
मेरे देश का
राष्ट्र ध्वज, तिरंगा कहलाता।

आजादी की ये गाथा सुनाता।
गणतंत्र का ये गुणगान गाता।
राष्ट्रगान गीत ये गर्व से गाता।
शहीदों का ये, यशगान गाता।
सुखदेव,राजगुरु,भगतसिंह के
शहादत की ये, याद दिलाता।
चंद्रशेखर आजाद
की ये, अमर कहानी सुनाता।

खुले गगन में जो ये लहराता।
मेरे देश का
राष्ट्र ध्वज, तिरंगा कहलाता।

हर घर - घर पे ये, लहराता।
कश्मीर से कन्याकुमारी
और अटक से कटक तक जो
ये अखण्ड भारत
कहलाता उसका ये मान बढ़ाता।
उतर में हिमालय
मेरे देश का जो ताज कहलाता।
उसका
ये युगों युगों से गुणगान गाता।
गंगा, यमुना, कृष्णा, कावेरी
नदियों की ये गाथा सुनाता है।
हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई
एकता की ये मिसाल दिखाता।

खुले गगन में जो ये लहराता।
मेरे देश का
राष्ट्र ध्वज, तिरंगा कहलाता।

 
2 महीने पहले
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Manju Sharma

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