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समेत समेट के हिसाब लेगी उस वक़्त।

Nema Ram

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            क़यामत
        
                                                    
                            
यहाँ जब भी आयेगी क़यामत।
तो
यहाँ कोई नहीं रहेगा सलामत।
यहाँ चाहे
कोई कितना भी क्यों न होगा वो शक्त।
ये सूत
समेत समेट के हिसाब लेगी उस वक़्त।
यहाँ पर वही वो बचा रहेगा उस वक़्त।
जो होगा उस
परम पिता परमात्मा का सच्चा भक्त्त।
इसलिए कहते है
कि क़यामत का कोई वक़्त नहीं है।
और उसके जैसा कोई शक्त नहीं हैं।
 
एक महीने पहले
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