मैं अपनी धुन में रहता था ।
जमाने भर को कहता था ।।
जिऊंगा जब तक जीवन में ।
रहूंगा जब तक जीवन में ।।
देश की सेवा करता रहूंगा
समाज को अच्छी प्रेरणा देता रहूंगा
जमाने से कुछ मिले या ना मिले
नहीं किसी बात का कोई गम करूंगा
समाज में फैली बुराइयों को धीरे-धीरे कम करूंगा ।