1-
वक्त सिखाता
औकात मर्यादा की,
हम सभी को
2-
राही है हम
निरंतर चलना
हमारा कर्म
3-
निष्ठा कर्तव्य
मान सम्मान संग
धर्म निभाए
4
बड़ा धर्म है
मानवता परख
मानुष बनें
5-
अभिलाषा है
मैं प्रभु धुन गाऊं
जोगन बन
6-
राह आसान
भले असत्य का हो
जीता सत्य है
7-
सादा जीवन
सदा परिपक्व है
उत्तम भाव
स्वरचित मौलिक साहित्यिक कृति
नेहा यादव
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