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निकलती होगी बाहर तू बेशक नजरे झुका कर

neetu Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कि तुझे भी एक दिन बेकरार ना कर दूं तो कहना
        
                                                    
                            
तुझ से तेरे दिल को फरार ना कर दूं तो कहना

निकलती होगी बाहर तू बेशक नजरे झुका कर
मैं तुझसे निगाहें दो चार ना कर दूं तो कहना

हम किसी खेल के कोई खिलाड़ी तो नहीं प्रिय
पर तुझ पर कोई चमत्कार ना कर दूं तो कहना

तू बादलों में छुपा चांद है,ना मैं भी कहीं प्रसिद्ध हूं
तेरे छोटे से नाम को समाचार ना कर दूं तो कहना

कोई तकता है तेरी राहों को इतना भी अंजान ना बन
कल तुझे भी पागल ए इंतिज़ार ना कर दूं तो कहना
-नीटू मावी
एक महीने पहले
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