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इस फरेबी दुनिया में अब भीड़ बहुत है

neetu Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तुम रहने दो मुझे मेरी हालत पे छोड़ दो
        
                                                    
                            
और ना सताओ मुझे तड़पता छोड़ दो

अपनी यादों को जरा काबू में रखना
मेरे संग जो था वह नाता तोड़ दो

जाओ तुम जहां खुशियों की फुहार हो
मेरे बरसते नैनों को बरसता छोड़ दो

इस फरेबी दुनिया में अब भीड़ बहुत है
हटाना भाई सहाब जरा सा रास्ता छोड़ दो
-नीटू मावी
एक दिन पहले
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Aditya Mishra

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