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मेरी बेरुखी

neetu Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            वो हमसे मिलने की अब फरियाद नहीं करते
        
                                                    
                            
न जाने क्यों वो हमको अब याद नहीं करते

दिल मायूस है और चेहरा उदास है मेरा
ना जाने क्यों अब वो हमसे बात नहीं करते

आठों पहर हमसे अक़्वाल करते थे जो
जाने क्यों अब वो हमको नाशाद नहीं करते

क्यूं मछली को जुदा करते हो पानी से
इस तरहा भी किसी को बर्बाद नहीं करते

किसी से यूं ही ना बांधो रिश्तों का बंधन
फिर बांध कर किसी को आज़ाद नहीं करते
-नीटू मावी
एक महीने पहले
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