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आखिरी ख्वाहिश

neetu Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            के मिल जा मुझे तू एक बार
        
                                                    
                            
मैं रोना चाहता हूं
फिर एक बार पलकों को
आंसुओं की बारिश में
भिगोना चाहता हूं

मेरी आखिरी ख्वाहिश है
किसी भी कीमत के बदले
तेरे पैरों पर सर रख कर
मैं सोना चाहता हूं

भूल कर दुनिया दारी को
फिर तेरी पुरानी यादों में
मैं खोना चाहता हूं

मेरी कश्ती किनारे पर डूबे भले
तुम हां तो करो
मैं तुम्हारा बोझ ढोना चाहता हूं

मेरी वफ़ा के बदले तेरी बगावत भी मंजूर
मेरी जुल्मी मोहब्बत
मैं तेरा होना चाहता हूं
-नीटू मावी
2 महीने पहले
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