जरा फासले से चलो,पहियों की रफ्तार ज्यादा है।
यहा शहर मे सड़कों पर हादसो की मार ज्यादा है।
क़त्ल के सबूत क्वारेंटाइन में रखे है सरकारों ने,
अदालती न्याय के इंतज़ार का,इंतज़ार ज्यादा है।
लंबे अर्से तक जनता की सेवा की,अब मत करो
ईडी की डायरी में,तुम्हारा ही कारो बार ज्यादा है।
तुमने खुब हमले किए ,और अब तक कर रहे हो,
पर, तुम्हारे लफ्ज़ो मे असर कम,प्रहार ज्यादा है।
यहां सत्ता की पालखी उठाने वालो में आज कल,
कहार तो बचे नही ,बस दलाल,चाटुकार ज्यादा है।