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अपना रंग मुझ पर छोड़ जाना।

Neelam Chourasia

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चाय की तरह
        
                                                    
                            

चाय की सुगंध की तरह
तुम मेरी ज़िंदगी में आना,
चीनी की तरह घुल जाना,
चाय की पत्ती की तरह
अपना रंग मुझ पर छोड़ जाना।
तुम्हारी मिठास में
लोग गुम हो जाएँ,
और हमें देखें तो
तुम्हें पाएँ।
-नीलम चौरसिया “नील”
एक महीने पहले
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