विज्ञापन

राम ने राज-काज छोड़ा वनवास चुना

Naved Shikoh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सबके राम
        
                                                    
                            
राम ने राज-काज छोड़ा वनवास चुना,
सियासत ने सत्ता के लिए रामनाम चुना।

राम मंदिर भारत की आन-बान और शान।
सबके राम,सबको देते हैं सत्ता और पहचान।

भाजपा ने मुगलों के कब्जे से जन्म भूमि बचाई,
विपक्ष ने मंदिर चढ़ावा चोरी पर आवाज़ उठाई।

राम नगरी अयोध्या ने सबको दिया बारी-बारी प्रसाद,
मर्यादा पुरषोत्तम अपने-पराए सबको देते हैं आर्शीवाद।

जन्मभूमि आंदोलन कर कल्याण ने सत्ता पाई,
मुलायम ने गोली चलवा कर भी सरकार बनाई।

राम पर सियासत से चिढ़ने वालों को अक्ल आई,
राम मंदिर के चोरों पर सपा-कांग्रेस खूब चिल्लाई।

राम ने वनवास के अमंगल को मंगल करके दिखाया,
विपक्षी वनवासियों को सत्ता में दाखिल करके दिखाया।

वनवास में जब भाजपा थी उसे राम भक्ति रास आई,
राम नाम बिना सत्ता नही ये समझ विपक्षियों में आई।

प्रभु आपकी महिमा निराली है,
राम की लीला कितनी प्यारी है।

झूठे चेहरों की किताब पढ़ा दी,
सबकी आस्था और भी बढ़ा दी।

चोरों के चेहरे से रामभक्ति का मुखौटों गिरा दिया,
ना आने वालों को राममंदिर का पहरेदार बना दिया।
- नवेद शिकोह
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

LS Kuntal

1 कविता

View Profile

Prasoon Saxena

965 कविताएं

View Profile