अच्छा याद आने से बुरा भूल जाने से
कोई शिकवा नहीं रहता शेष ज़माने से!
कम होते होते आख़िर मिट ही जाता है
किसीके जाने का ग़म किसीके आने से!
-एन आर कस्वाँ