उन से कह दो कि कोई और सबूत लेके आएं
कानों से सुनी आंखों से देखी निगाह ही कफ़ी नहीं !
इक बेगुनाह को बचाना कहीं ज्यादा ज़रूरी है
गुनहगार को उसके गुनाहों की सजा ही काफ़ी नहीं !
डॉ एन आर कस्वाँ