विज्ञापन

मुस्तक़बिल

Nathuram Kaswan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ज़रूरत से ज्यादा बाइबिल और कुरान समझने लगता है
        
                                                    
                            
मज़हब कोही अपना दीन धर्म और ईमान समझने लगता है!
हाथों के हुनर से बड़ी जब हाथों की लकीरें नज़र आती हैं
मुफ़लिसी को मुस्तक़बिल अपना इन्सान समझने लगता है!
-एन आर कस्वाँ
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all