ख़ामोशी से की गई मशक़्क़त इस क़दर शोर मचाती है
कि बे- सबब शोर मचाने वालों की तूती बंद हो जाती है
शिद्दतसे काम करनेवाले क़ामयाबी के पीछे नहीं भागते
क़ामयाबी खुद उनके पीछे- पीछे क़दम चूमने भागती है
-एन. आर. कस्वाँ