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लफ़्ज ए मु'आफ़ी

Nathuram Kaswan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सुकून-ए -क़ल्ब केलिए लफ़्ज ए खुशी नाकाफ़ी है
        
                                                    
                            
मायूसी ज़ाहिर करने को लफ़्ज ए उदासी काफ़ी है
मेरे लफ़्जों से न किसीको ठेस लगे मग़र लगे कभी
मरहम का काम करे लबों पे मेरे लफ़्जे मु'आफ़ी है
-एन आर कस्वाँ
2 महीने पहले
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