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समन्दर हैं बादल और हवा है

Nathuram Kaswan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            समन्दर हैं बादल और हवा है
        
                                                    
                            
इस ज़मीं पर आस्माँ झुका है
गर येह जग सल्तनते-खुदा है
क्यूँ इस क़दर हंगामा बरपा है
-एन आर कस्वाँ
3 महीने पहले
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