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ऐ'तिबार खुदपर ही रहा नहीं

Nathuram Kaswan

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                            ए'तिबार खुदपर ही रहा नहीं "बशर" आज आदमी का
        
                                                    
                            
भरोसा करे क्या आदमी आशुफ़ता मिज़ाज आदमी का
-बशर
 
2 वर्ष पहले
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