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चलते रहिए

Nathuram Kaswan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ज़रूरी नहीं है के नज़र हर रहगुज़र का छोर आएगा
        
                                                    
                            
चलते रहिए राहे सफ़र कुछ न कुछ तो और आएगा!
इस ठौरसे उसठौर नए मोड़ और नए मरहले आएंगे
इस दौर से निकलेंगे तोही तो कोई और दौर आएगा!
-एन आर कस्वाँ
9 घंटे पहले
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