विज्ञापन

हर मास मधुमास

Nandkumar Bhagwat

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मुस्कुराहटे उनके चेहरे की असर ऐसा कुछ कर जाती हैं
        
                                                    
                            
तपती धूप में भी जैसे बारिश का एहसास करा जाती हैं

वैसे तो हरदम एक आम सी गुजर रही थी जिंदगी मगर
मुस्कुराती नजर उनकी जिंदगी को खास बना जाती हैं

सूरज हैं कि आग का गोला मगर चिलमिलाती धूप में भी
यादें उन की दिल को चांदनी का एहसास दिला जाती हैं

दूर होकर भी वो दिल के इतने करीब लगने लगते हैं
उन की हर याद नजदीकियों का एहसास दिला जाती है

जिंदगी की  मुश्किलों ने चाहे  सख्त किया हो जीना
चाहत ये उन की जिंदगी जीने की आस बढ़ा जाती हैं

मौसम का असर हैं ये या उन की चाहतों का हैं ये खुमार
कितना भी पी लिया फिर भी हर चुस्की प्यास बढ़ा जाती हैं

‘नंदकुमार’ तो ये दिल कब से उन के नाम कर बैठा
जिनकी मुस्कान हर मास को मधुमास बना जाती हैं
-नंदकुमार भागवत
3 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all