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हमारा हक

NAND KISHOR

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मांग रहे अधिकार
        
                                                    
                            
सुने कौन
नेताओं के साए में
लडे कौन
हक की बात पर
रखे मौन
बार बार पूंछ रहे
हो तुम कौन
दोषी बैठ बंगले में
मौज उड़ाते
निर्दोष सड़कों पर
गोलियां खाते
क्यों होती खिलवाड़
जबाब चाहिए
समस्या का आखिरी
समाधान चाहिए
वोट से जिनके
सत्ता पाई
उन्होंने ही क्यों
लाठियां खाईं
वर्ष भर मेहनत
सपनों की उड़ान
लीक का चक्कर
ले रहा प्राण
कुर्सी के मद में
पागल हुए
देश के युवा
घायल हुए
रोता संविधान
बचा लो मुझे
आखिर कोई तो
संभालो मुझे
अंहकार आगोश में
चिंगारी लगेगी
छोटी सी बात पर
सम्मा जलेगी
इम्तिहान की पराकाष्ठा
और मत लीजिए
मांग कर माफी
निर्णय ठोस कीजिए
3 महीने पहले
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Manju Sharma

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