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इच्छा

Nag Mani

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तृष्णा
        
                                                    
                            

बंजारे से सबने पूछा,
नाम है क्या और धाम कहां,
मृगतृष्णा भी देखीं सबने ,
फिर भी पूछा बाम कहां,
मूढ़ों के जंगल में जाकर,
ढूढा फिर भी अज्ञ कहां,
बंजारे से सबने पूछा,
नाम है क्या और धाम कहां,
खडगहस्त भी देखा सबने,
फिर भी पूछा शौर्य कहां,
काष्ठ पिंजर के टुकड़े भी,
सम्बोधित हो भुजंग जहां
उसी क्षितीश से पूछा जगने,
श्यामा की तृष्णा हैं कैसी
बंजारे से सबने पूछा,
नाम है क्या और धाम कहां।

नाग मणी



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7 वर्ष पहले
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