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शीर्षक - तेरा मेरा मन.... सोच

N manglam

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तेरा मेरा मन ही तो सच है।
        
                                                    
                            
सच ही तेरा मेरा मन भाव है।
भाव से सोच हमरी होती है।
यही तो तेरा मेरा मन होता हैं।
नीरज तेरा मेरा मन लिखते हैं।
प्यार चाहत छल फरेब होते हैं।
लबों का बुदबुदाना मन कहता हैं।
मन में उमंग तेरा मेरा प्यार होता हैं।
यही तेरा मेरा मन एक सोच होती हैं।
न तुम न हम बस वो लम्हा रहता हैं।
हां सच तेरा मेरा दिल धड़कता है।
शायद यही तेरा मेरा मन मचलता है।
आधुनिक रंगमंच तेरा मेरा मन रहता है।
 
एक दिन पहले
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Jagdish chandra

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