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शीर्षक - हम सब कौन हैं।

N manglam

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            रिश्ते नाते हम सब कौन हैं।
        
                                                    
                            
सच और दत्तक संतान हैं।

ईश्वर संग हम सब कौन हैं।
जन्म मृत्यु हम सब कौन है।

जन्म बचपन संग सब रहते हैं।
हमारे प्यारे मृत्यु ले जाती हैं।

नीरज भी लिखें हम सब कौन हैं।
शब्दों में सब रिश्ते नाते रहते हैं।

उम्र के साथ हम सब कौन हैं।
तेरे मेरे सपने और हमसफर हैं।

जिंदगी के सफर में धर्म कर्म है।
बस यही जीवन हम सब कौन हैं।

सोचे हम सब ईश्वर की संतान हैं।
बस यही मर्म हम सब कौन हैं।

एक सोच हमारी हम सब कौन हैं।
एक दूसरे के हम सब पूरक बनें हैं।
 
एक महीने पहले
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