विज्ञापन

शीर्षक - हमारे मन

N manglam

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हमारे मन हमारी सोच है।
        
                                                    
                            
छल फरेब स्वार्थ होते हैं।
जन्म हमें जो मिलता हैं।
हमारे मन के साथ होता हैं।

नीरज हमारे मन लिखते हैं।
आधुनिक समय बताते हैं।
सच और सही न कहना हैं।
जब तक हमें जीवित रहना है।

आज राजनीति घर परिवार है।
एक-दूसरे से ईर्ष्या रखते हैं।
अपने कहां पराएं बने सब है।
धन संपत्ति के साथ झगड़े हैं।

एक दिन सब यही रह जाता है।
हमारे मन और हम सब देखते हैं।
मिल जुलकर हमारे मन रहने हैं।
आज सही पता कल मिलते हैं।

कविता लेख कहानी सच बताती है।
हर एक कर्म का फल हम पाते हैं।

- नीरज कुमार अग्रवाल चंदौसी उत्तर प्रदेश
3 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Ankit Kahar

5 कविताएं

View Profile