विजय दशमी का पावन पर्व हम सब मनाते हैं।
विजय दशमी को दशहरा के नाम भी कहते हैं।
जय जय श्रीराम ने रावण का संहार किया है।
नवरात्रे के साथ ही दशहरा पर्व हम मनाते हैं।
नीरज शब्दों विजयदशमी पर्व राह लिखते हैं।
अस्त शस्त्र बही खाता शक्ति पर्व मनाते है।
पक्षी नीलकंठ मत्स्य दर्शन पाप मिट जाते है
अधर्म पर धर्म की जीत दशहरा पर्व मनाते है
सत्य और धर्म की जीत हर युग यही वेद कहते है।
सच हम शब्दों में कविता लेख जो लिखते हैं।
हर युग में राम रावण के साथ जागरूकता करते हैं।
हर युग में पीढ़ी को बीते युग का ज्ञान सच कहते हैं।
अधर्म पर धर्म की जय हो हां यही कामना करते हैं
विजय दशमी मंगलमय हो शुभकामनांए देते हैं।
जय श्री राम जय माता दी हम मन भाव से कहते हैं।
-नीरज कुमार अग्रवाल