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एक तेरा दोस्ताना, एक मेरा दोस्ताना

mursaleen fatma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            एक तेरा दोस्ताना, एक मेरा दोस्ताना,
        
                                                    
                            
हो चाहे नया, फिर भी लगे बरसों पुराना।
इस दोस्ती में कभी न आए कोई बहाना,
चलो मिलकर हम-तुम ये कसम खाएँ,
ज़िंदगी के हर सफ़र में साथ निभाएँ।
एक तेरा दोस्ताना, एक मेरा दोस्ताना।

लकीरों की ये रेखाएँ हर किसी ने कही हैं,
तू ही एक है जो मेरे लिए सही है।
न हम तुझे छोड़कर कहीं जाएँ,
न तुम कभी हमें छोड़कर जाना।
यही रहे अपना प्यारा-सा अफ़साना—
एक तेरा दोस्ताना, एक मेरा दोस्ताना।

दोस्ती की हमने ऐसी मिसाल बनाई,
हर ग़म में भी साथ निभाने की रस्म निभाई।
दोस्ती के लिए हर दर्द भी सह जाएँ,
मुस्कानों से हर मुश्किल को हराएँ।
जैसे दीपक और बाती का हो अटूट याराना,
वैसा ही रहे अपना ये दोस्ताना।
एक तेरा दोस्ताना, एक मेरा दोस्ताना।

वक़्त बदले, मौसम बदलें, राहें बदल जाएँ,
फिर भी अपने दिल कभी न बदल पाएँ।
हर खुशी में तेरा नाम मुस्कुराए,
हर मुश्किल में तेरा साथ याद आए।
रहे उम्रभर यूँ ही अपना ये तराना—
एक तेरा दोस्ताना, एक मेरा दोस्ताना।
3 महीने पहले
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Manju Sharma

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