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आज मौसम में कुछ अलग ही बात है

mursaleen fatma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आज मौसम में कुछ अलग ही बात है,
        
                                                    
                            
हवाओं में जैसे घुली कोई मीठी-सी सौगात है।
बरसती हुई बारिश की ये चमकती बूँदें,
आज हर बूँद में छिपी एक अनकही-सी बात है।
गीली मिट्टी की खुशबू कुछ कह रही है,
ठंडी हवा कोई मधुर धुन गुनगुना रही है।
वैसे तो बरसात कई बार आई है,
मगर आज फ़िज़ा में एक अलग-सा एहसास समाया है।
शायद यह सावन का जादू है,
या दोस्तों की यादों का खुमार है।
शायद किसी अधूरे ख़्वाब की आहट है,
या दिल में पलते किसी अपने का इंतज़ार है।
बूँदों के साथ आज दिल भी बेताब है,
हर धड़कन में एक नया-सा ख़्वाब है।
लगता है जैसे आसमान भी मुस्कुरा रहा है,
और हर बादल कोई मोहब्बत का पैग़ाम सुना रहा है।
आज पत्तों की सरसराहट भी गीत गा रही है,
हर कली मुस्कुराकर मौसम का स्वागत कर रही है।
हर ओर सुकून है, हर ओर बहार है,
आज की शाम सचमुच कुछ ख़ास है।
कोई तो बात है इस मौसम में,
जो हर एहसास को और भी गहरा बना रही है।
कोई तो बात है इस बारिश में,
जो हर धड़कन को नई उम्मीद दे रही है।
हाँ, आज मौसम में कुछ अलग ही बात है…
शायद इसलिए हर साँस में सुकून,
हर बूँद में मोहब्बत,
और हर पल में एक नई शुरुआत है।
3 महीने पहले
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