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होली के रंग

Mukta Srivastava

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आया होली का त्यौहार
        
                                                    
                            
लेकर रंगों की बौछार
उड़े अबीर और सुर्ख गुलाल
नशे में बहकी-बहकी चाल
हाथ में रंग भरी पिचकारी
रंग से सराबोर नर-नारी
गले लगें संग सभी यार
प्यार से मिलें करें सत्कार
होली मिलन का है त्यौहार
प्रकृति में झलकता प्रेम अपार।

- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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5 वर्ष पहले
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