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उसकी एक छोटी-सी चाहत

Mukeshgawli Mukeshgawli

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अभी तो उसके स्वप्नों की राह बाकी है,
        
                                                    
                            
अभी उसकी उड़ान की पराकाष्ठा बाकी है।
वह ज्ञान के दीप से अपना पथ आलोकित कर रही है,
अपने अस्तित्व की नई परिभाषा गढ़ रही है।

उसकी आँखों में जो अदम्य अभिलाषाएँ पल रही हैं,
वे एक दिन उसके स्वावलंबन का शिखर बनेंगी।
वह किसी के सहारे की मोहताज नहीं,
अपने संकल्प और सामर्थ्य से अपना मुकाम रचेगी।
2 महीने पहले
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