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सत्ता की दुकान

Mukesh kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सत्ता की दुकान(मैं हूं नेता जी)...
        
                                                    
                            
मैं हूं, नेता जी जो चुनाव में ही नज़र आता हूं,
जनता की समस्याएँ लेकर जनता के बीच आता हूं।
बड़े-बड़े वादे कर लोगों को बहलाता हूं,
हर चुनाव में मुद्दे वही, फिर भी
नए सपनों का जाल बिछाता हूं।
कहता हूं मैं, सत्ता में जब कभी भी आऊंगा,
सबसे पहले तो मैं भाई, गरीबों,किसानों,बेरोजगारों, महिलाओं और पीड़ितों को इंसाफ दिलाऊंगा।
पार्टी फंड का पैसा मैं चुनाव में खूब बहाता हूं,
जीत जाने के बाद मैं फिर कभी न नज़र आता हूं।
जनता के अरमान फिर सड़कों पर रख जाता हूं,
 
9 घंटे पहले
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