विज्ञापन

कहकर रीत जमाने की..

Mr. tarun yadav

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कहकर रीत जमाने की
        
                                                    
                            
की
कहकर रीत जमाने की
खुद मर्यादा लांघ रहे है लोग.

किसी के घर की रोनक छीन
के
किस मुंह से दहेज मांग रहे हैं. लोग !!
6 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manoj Kumar

428 कविताएं

View Profile