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रिश्ते यूं नहीं किए जाते दरकिनार!

Mohini Pathik

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            रिश्ते यूं नहीं किए जाते दरकिनार!
        
                                                    
                            
हक़ीक़त तो ये है
इंसान साथ  न हो तब  भी,
यादें
रहती हैं साथ,
चंद स्वार्थ के मोहपाश में
आबद्ध होकर,
सच से मुंह मोड़ना
रिश्तों को भुलाना
आसान कैसे हो जाता ?
कैसे लोग दिखावे की दुनिया बना लेते?
कैसे  आत्मीयता  का ढोंग कर
फिर बाद में आंखें दिखाते हैं?
कैसे ?
आखिर कैसे?
एक दिन पहले
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