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जीवन का सफर और तपती धूप

MOHD TASVIRUL ISLAM

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जीवन का सफर और तपती धूप
        
                                                    
                            
चला जा रहा बन मतवाला
खूब पसीना निकल रहा है
मेहनत करता बन दिल वाला
आओ तुम भी कदम बढ़ाओ
अपने मन में अलख जगाओ
काम करो तुम हिम्मत वाला
सेवा जीवन की मधुशाला
दोस्त बनो तुम सच्चा वाला
मदद कर लोगों की बन यार निराला
फिक्र ना कर दौड़ लगा बस
जीवन तेरा भाग दौड़ का जीवन है
उफ ना कर तकलीफ ना देख
जीवन में आगे आगे बढ़ता जा
तुझे सफलता मिल जायेगी
मेहनत से मेहनत करता जा


हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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6 वर्ष पहले
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