जीवन का सफर और तपती धूप
चला जा रहा बन मतवाला
खूब पसीना निकल रहा है
मेहनत करता बन दिल वाला
आओ तुम भी कदम बढ़ाओ
अपने मन में अलख जगाओ
काम करो तुम हिम्मत वाला
सेवा जीवन की मधुशाला
दोस्त बनो तुम सच्चा वाला
मदद कर लोगों की बन यार निराला
फिक्र ना कर दौड़ लगा बस
जीवन तेरा भाग दौड़ का जीवन है
उफ ना कर तकलीफ ना देख
जीवन में आगे आगे बढ़ता जा
तुझे सफलता मिल जायेगी
मेहनत से मेहनत करता जा
- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है।
आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X