जब आत्मा का शरीर से मन मुटाव हो जाता है
जीवन का मौत से फिर मिलन सफल हो जाता है
जीवन की सच्चाई है ये जो आया है वो जायेगा
पर असमय ही जाने से मन चिंतित हो जाता है
जो धरती से जाते हैं जल्दी जीवन का अवसान कर
सपनों मे तड़पाते हैं य़ादों का इंसान बन
मत कर जीवन का बलिदान अपने बहुत तड़पते हैं
अपनो के तू साथ ही रह , निर्मल मन फड़कते हैं
ईश्वर मारे तो ही अच्छा , खुद अपना काम तमाम ना कर
तकलीफों पर जीत कर बन्दे अपना जीवन महान कर
तनाव मन मे आने ना दे, अपनो से बातें किया करो
आत्म मन्थन किया करो अपनो के संग जीया करो
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