सजगता
ये जागरूकता है,
अपने विचारों की,
भावनाओं की,
परिवेश और कार्यों की,
मानसिकता और विवेकशीलता की!
हूँ सजग,
आस-पास की परस्थितियों से,
कर्तव्यों से,
तो जीवन सहज,
सफल और सच्चा !
है सैनिक सजग,
तो देश सुरक्षित,
नागरिक सजग,
तो लोकतंत्र मजबूत !
सजगता,
भगाती दुर्घटना,
बढ़ाती गुणवत्ता,
उत्पादकता,
और करती खत्म,
गलती की संभावना की !
सजगता से,
होता निर्णय बेहतर,
बनाता मजबूत पेशेवर संबंध,
अंधकार को दूर भगाये,
और ज्ञान का दीप जलाये !
सजगता को बढ़ायें,
ध्यान और योग से,
सक्रिय श्रवण से,
अवांछित विचारों के दूरी से,
और आत्म-मंथन से!
हे मानव,
तू रह सजग,
स्वास्थ्य के प्रति,
कार्य के प्रति,
लक्ष्य के प्रति,
प्रतिबद्धता के प्रति,
समय के प्रति,
व्यावहार के प्रति,
समाज के प्रति,
पर्यावरण के प्रति,
और आत्म-चिंतन के प्रति !