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में खामोश सही

mayank vajpeyee

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैं खामोश सही पर गुनहगार हरगिज़ नहीं
        
                                                    
                            
यूँ जुर्म का इक़रार ख़ामोशी करती कहीं
तो बताओ भला क़ैद खानों में जरा भी आवाज़ होती कभी
3 महीने पहले
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