आज देखें तुम्हारी ताक़त या मेरी ज़िद में कौन बड़ा है
हज़ार झूठ तुम्हारे और सामने मेरा सच खड़ा है
मैं कोई नहीं तुम सब कुछ तुम्हें शायद ये ख़ुमार चढ़ा है
तुम कर के देख लो ज़ुल्म जितने आज मेरा वजूद भी अड़ा है