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तब जाकर मंजिल को पाना है

Manshi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            गिरना है, संभलना है,
        
                                                    
                            
और फिर से चलना सीखना है ॥
आंधियों से लड़ना है,
तब जाकर मंजिल को पाना है ॥

कोई भी सपने छोटे नहीं होते,
बस उसके लिए हौसले बड़े करने पड़ते हैं।
एक दिन वो भी आएगा,
जब लोग कहेंगे तुमने कर दिखाया ॥

कभी हार मत मानो,
क्योंकि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।
और जो आज मुश्किल है,
कल वही आसान लगने लगता है ॥

आज जो अफसाना है,
कल वही कहानी बन जाएगा ॥

 
3 महीने पहले
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Manju Sharma

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