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वृद्ध आशाएं

Manoj Sinha

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            वृद्ध आशाएं
        
                                                    
                            
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क्या हल्ला हो रहा है
शोर सा तो यह दिख नहीं रहा
फुसफुसाहट सा
लग रहा है
कुछ लोग खड़े हैं

जिनसे कुछ लोगों
की बातें हो रही है
पता चला वृद्धा पेंशन लेने
वालों की भीड़ है
नए लोग कुछ दे लेकर
फारम हाथों में लेकर
पेंशन वाली पंक्ति में खड़े हैं
और उसे जिसने उन्हें
कुछ लेकर पेंशन दिलाने का
दिलासा दिलाया है
उनकी ओर आशा से
कातर दृष्टि से देख रहें हैं
मानों वह ईश्वर ही हो।।

- मनोज सिन्हा
एक वर्ष पहले
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