मन की आंच से
गर्म रखना सारे
संबंधों को
भर देना रंग
भावों में सार्थक से
भर देना संवेदना
जीवन के सारे परतों में
मानवोचित गुण
कूट कूट कर
पाकर सरस्वती का वरदान
संप्रेषण पर पा लेना तुम! नियंत्रण
जीवन में उत्कर्ष का होगा निष्कर्ष
प्रेमसिक्त हृदय पा जाय
जीवन के अर्थ पथ को।।