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गुलाब और काटें

Manoj Sinha

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कांटों के बदन पर खिला गुलाब
        
                                                    
                            
जीवन भर रहा साथ- साथ
वह जब कली से फूल बनी
सुगंध सौरभ जब जब वह बिखेरी
उसके मुरझाने और झर जाने से
मिट्टी में आत्मसात हो जाने तक
दामन चोली का दिया साथ
कांटों के बदन पर खिला गुलाब
जीवन भर रहा साथ- साथ।।
दर्शन भी गुलाब का कुछ कम नहीं
देता है, प्रेम का अहसास करीब से
देता है, निमंत्रण तितलियों और भौरों को अजीज से
अभिनंदन में है, अग्रणी गुलाब
खींच लेता सबको बरबस अपनी ओर
आकर्षण का दर्शन जो है, उसकी ओर
आकर्षण का दर्शन जो है, उसकी ओर।।
- मनोज सिन्हा
एक वर्ष पहले
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