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ख्वाब आँखों में लिए धूप में..

Manoj Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हमने हर दर्द को सीने में सजाकर देखा,
        
                                                    
                            
फिर भी दुनिया ने हमें हँस के रुलाकर देखा।।

जिसको अपना ही समझते रहे ताउम्र हम,
उसने पल भर में हमें ग़ैर बनाकर देखा।।

वक़्त के साथ कई चेहरे बदलते देखे मैंने ,
रंग रिश्तों का भी मौसम ने बदलकर देखा।।

ख़्वाब आँखों में लिए धूप में चलते ही रहे,
पाँव के छालों ने मगर हौसला पाकर देखा।।

सच की आवाज़ दबाने की बहुत कोशिश की,
सच ने हर झूठ को आईना दिखाकर देखा।।

हमने नफ़रत का कभी जवाब नफ़रत से न दिया,
प्यार ने पत्थर को सदा मोम बनाकर देखा ।।

'एमके सिंह' यूँ ही आसान नहीं मिलती पहचान,
हमने हर मोड़ पे ख़ुद को ही बनाकर देखा।।

 
2 महीने पहले
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