विज्ञापन

इश्क सौदा सौदा नहीं..

Manoj Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इश्क़ जब दिल की इबादत बन के उतर जाता है,
        
                                                    
                            
तब बंदा मिट्टी से उठकर अर्श पे नज़र आता है।।

जिसको हासिल हो मोहब्बत की सदा सच्ची दौलत,
वो फ़क़ीरों में भी तो , बादशाह नज़र आता है।।

दर्द दिल की जब इश्क़ की चौखट पे सजाया जाए,
हर एक आँसू भी चमकता हुआ मोती बन जाता है।।

वो जो ख़ामोश निगाहों से मोहब्बत लिख दे ,
उसके लहजे में तो ख़ुदा का भी असर आता है।।

नफ़रतें चाहे लाख अँधेरों का सफ़र बो दें अगर,
इश्क़ का एक दिया पूरे शहर में जगमगाता है।।

जिसने रिश्तों को वफ़ाओं से सँवारा हरदम,
उसका किरदार ज़माने को अमर कर जाता है।।

इश्क़ सौदा नहीं, एहसास का दरिया है जनाब,
जो भी डूबे हैं , वही ख़ुद से भी निखर जाता है।।

कवि 'एमके सिंह' की क़लम झूठ नहीं लिखती कभी,
दिल से निकला हुआ हर शेर ही तो असर लाता है।।

 
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all