विज्ञापन

युवा मन विज्ञान

Manoj Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अटल अखंड विश्वास है आंखों में चिंगारी है
        
                                                    
                            
सीने पर जो बज्र -कवच है हर प्रहार पर भारी है

रौंद रौंदकर चट्टानों को
देश प्रगति की राह गढ़े
तूफानों की दिशा बदल दे
बाधाओं से सहज लड़े
अडिग इरादे ले पांवों में
आंधियों में रहे खड़े
बाजुओं में और कंधों में जग की जिम्मेदारी है
सीने पर जो बज्र -कवच है,हर प्रहार पर भारी है।

राजनीति की नीति- सुधा में
जो कचरें हों,साफ हों
हिमालय से निकली जो गंगा
सागर तक इंसाफ हों
तरूण- हृदय की यही मांग है
सब क्षमता के साथ हों
जागो ऐ संसद के सूरज,देश में अंधियारी है
सीने पर जो बज्र -कवच है हर प्रहार पर भारी है।

अभिमन्यु को चक्रव्यूह में
जब भी फंसाया जाएगा
कर्ण -सा योद्धा धर्म युद्ध में
छल से मारा जाएगा
शस्त्र त्याग की कठिन प्रतिज्ञा
केशव का टूट जाएगा
वीरों ने जो धर्म निभाया,सदा अधर्म पर भारी है
सीने पर जो बज्र -कवच है हर प्रहार पर भारी है।

लोकतंत्र को अमर बनाने
युवा शक्ति को मान दो
विश्व गुरु गर है कहलाने
रास्ट्र हित सम्मान दो
गगन के पथ पर सदा चले जो
ऐसा हिंदूस्तान दो
जवां जवां है देश हमारा,अगली सदी हमारी है
सीने में जो बज्र -कवच है हर प्रहार पर भारी है।।

सूरज अगर नया गढ़ना है
खंगालो ब्रह्माण्ड को
कठिन परिक्षा से गुज़रे जो
शील, साहसी, विद्वान को
भ्रष्ट तंत्र से लड़ने वाले
युवा मन विज्ञान को
बची रहेगी मूल्यवान,जो संस्कृति हमारी है
सीने पर जो बज्र -कवच है हर प्रहार पर भारी है।।
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all