विज्ञापन

शाहीनंद कर लिया

Manoj Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जब दिल ही दिल में इरादें बुलंद कर लिया,
        
                                                    
                            
अपने ही हक़ में जहाँ, रजामंद कर लिया।

जो रूठकर चले गए, वो आ ही जाएंगे,
उनकी हरेक मिज़ाज को, पसंद कर लिया।

न्याय की पुकार कितना खतरनाक है,
न्यायधीश स्वयं को ही, बंद कर लिया।

स्वयं की राह से ही इतना प्यार हो गया,
दरिया ने अपने आप को, समंद कर लिया।

औरों के गम को धोते- धोते हार जब गया,
स्वयं को घर में बैठ, शाहीनंद कर लिया।।
2 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all