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सबकी एक कहानी होती है

MANOJ KUMAR

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हर किसी की ज़िंदगी एक कहानी बयान करती है,
        
                                                    
                            
कोई ज़ुबान से कहता है, कोई ख़ामोश निगाहों से दिखाता है,
और कोई चुपचाप बस आँसुओं में इसे बयान करता है।

सब तड़प रहे हैं इस दास्तान से आज़ाद होने को,
मगर ये वक़्त भी अजीब है, किसी को रिहा नहीं करता।

हर कोई चल रहा है एक अधूरी दास्तान लिए,
हर कोई दिल के किसी कोने में एक गहरा खालीपन छुपाए घूम रहा है।

कुछ सवाल हैं जो न चैन से सोने देते हैं,
न सही से जागने देते l

हर शख़्स ख़ुद से ही उलझ कर,
उन सवालों का जवाब ढूंढ रहा है।

जवाब हर बार बदल जाता है,
मगर सवाल वही ठहरा रहता है,
बस हर मर्तबा उस सवाल का एक नया रूप सामने आता है।

सब ख़ौफ़-ज़दा हैं उन यादों को फिर से जीने से,
क्योंकि वही यादें हैं, जो उन्हें आज़ाद होने नहीं देतीं।
2 महीने पहले
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