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तेरी झलक

Manju Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तेरी झलक को ऐ जिंदगी
        
                                                    
                            
उम्र भर भागते फिरे
तू चंचला द्रुतगामिनी
जीवन भर दिखी नहीं

राहें छूटीं साँसें टूटीं
तेरी तंद्रा न टूटी कभी
मरूभूमि की मृगतृष्णा सी
घड़ी घड़ी छल करती रही।
-मं शर्मा
2 महीने पहले
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